सम्पादकीय

भारत की चुनावी परंपराओं का विश्लेषण: एक पत्रकार की बैलेट की परछाइयों से जंग

जब पारदर्शिता एक प्रदर्शन बन जाए और चुनावी सुधार एक मृगतृष्णा, तब पत्रकारिता लोकतंत्र की अंतिम सच्ची प्रहरी बन जाती

प्रो. भुवन चंद्र महापात्रा बने AUAP रिसर्च एवं इनोवेशन समिति सदस्य, करेंगे वैश्विक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व

प्रो. (डॉ.) भुवन चंद्र महापात्रा को प्रतिष्ठित एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक (AUAP) के रिसर्च एवं इनोवेशन

क्वांटम कंप्यूटिंग: संभावना का साहस या संसाधनों की बर्बादी?

भारत ने तकनीकी क्रांति के अगले चरण में कदम रखते हुए नेशनल क्वांटम मिशन को 8000 करोड़ रुपये की लागत

धोनी का आखिरी नृत्य—अलविदा कहने का समय

महेंद्र सिंह धोनी—सीएसके का कप्तान, भारत का राष्ट्रीय नायक, और क्रिकेट का वह नाम जिसे हर कोई सम्मान से पुकारता

जियो फाइनेंस की चाल अब तकनीक नहीं, सत्ता का संकेत है

जियो फाइनेंस का हालिया लोन अगेंस्ट सिक्योरिटीज़ (LAS) लॉन्च एक डिजिटल उत्पाद के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन

अमृत कलश- अन्तस की प्रतिध्वनि ही भविष्य है : आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री

मनुष्य का जीवन केवल उसकी इच्छाओं या कल्पनाओं पर आधारित नहीं होता, बल्कि उसकी प्रवृत्तियाँ, संस्कार और कर्म मिलकर उसके

टूथपेस्ट विवाद: उपभोक्ता विश्वास बनाम मार्केटिंग युद्ध

हाल ही में फ्लोराइड टूथपेस्ट को लेकर देश की दो प्रमुख एफएमसीजी कंपनियां—डाबर और कोलगेट—सीधे आमने-सामने आ गई हैं। यह

गिफ्ट सिटी: सपनों का शहर या नीति की प्रयोगशाला?

भारत का आर्थिक भविष्य वैश्विक वित्तीय केंद्र बनने के स्वप्न के साथ जुड़ा हुआ है। इस दिशा में गुजरात के

मध्यप्रदेश के इकोनॉमिक कॉरिडोर – विकास की नई रफ्तार या चुनावी शिगूफा?

नई सड़कों से आगे की सोच: मध्यप्रदेश अब केवल कंक्रीट की सड़कें नहीं बनाएगा, बल्कि विकास की बहुआयामी सोच को

अहमदाबाद की ओलंपिक तैयारियाँ: क्या विकासशील भारत के लिए यह सही दिशा है?

2036 ओलंपिक की मेज़बानी के लिए अहमदाबाद की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। गुजरात सरकार और अहमदाबाद नगर निगम (AMC)