सम्पादकीय

भारत की अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी टैरिफ का सीमित प्रभाव: वैश्विक व्यापार के पुनर्संतुलन की संभावना

अमेरिका द्वारा कुछ प्रमुख उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाए जाने की घोषणा से वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मच गई है,

स्टार्टअप्स का उत्सव और भारत की नई उड़ान

आज से शुरू हुए स्टार्टअप महाकुंभ ने देश में उद्यमिता की नई चेतना को मंच दिया है। यह सिर्फ एक

शाह बोले – वक्फ बिल चोरी के लिए नहीं, गरीबों के लिए

वक्फ संपत्तियों को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नया विधेयक संसद में चर्चा का विषय बन गया है। एक

कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चाल और रोजगार का सवाल

टेक्नोलॉजी की दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यह न केवल

भारत का बाहरी ऋण पहुँचा 717.9 अरब डॉलर: विकास की दौड़ या आर्थिक संकट की आहट?

भारत की आर्थिक स्थिति पर एक नया आंकड़ा गंभीर सोच की मांग करता है। वित्त वर्ष 2024 के अंत तक

सरकार का कर्ज़ प्लान: आत्मनिर्भरता या बढ़ता दबाव?

सरकार की ताज़ा घोषणा के अनुसार, अगले छह महीनों में केंद्र सरकार बाज़ार से ₹8 लाख करोड़ का कर्ज़ उठाने

पाई नेटवर्क की गिरती साख: भरोसे की बुलंदी से गिरावट की खाई तक

\ क्रिप्टो की दुनिया में हर दिन नई कहानी बनती है, लेकिन कुछ कहानियाँ उम्मीदों से भरपूर होती हैं और

न्यायिक गरिमा पर सवाल: जस्टिस यशवंत वर्मा प्रकरण

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया हालिया निर्देश न्यायिक प्रणाली की

इमिग्रेशन बिल: घुसपैठ पर सख्ती या राजनीति का नया मोर्चा?

लोकसभा में हाल ही में पारित इमिग्रेशन बिल ने संसद से लेकर सड़क तक एक नई बहस को जन्म दे

छोटे सपनों को बड़ा सहारा: ₹50,000 तक के लोन पर शुल्क हटाने का ऐतिहासिक निर्णय

जब किसी देश की आर्थिक नीतियाँ समाज के सबसे कमजोर तबके की चिंता करने लगें, तो यह समझ लेना चाहिए