सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कनाडा ने अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैक्स (DST) लगाने की योजना को अंतिम समय पर टाल दिया है। यह टैक्स 30 जून 2025 से लागू होना था, लेकिन इसके कुछ घंटे पहले ही कनाडा सरकार ने यू-टर्न लेते हुए इसे वापस ले लिया। यह निर्णय अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार तनाव को टालने के उद्देश्य से लिया गया है।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने रविवार को घोषणा की कि वह और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व्यापार वार्ता को दोबारा शुरू करने पर सहमत हो गए हैं। कनाडाई वित्त मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच 21 जुलाई तक व्यापार समझौते पर बातचीत हो सकती है।

डिजिटल सर्विस टैक्स उन विदेशी टेक कंपनियों पर लागू होने वाला था, जो कनाडा में ऑनलाइन सेवाओं से कमाई करती हैं। इसमें गूगल, मेटा, अमेजन, एपल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां शामिल हैं। यह टैक्स कंपनियों की कमाई पर 3% की दर से वसूला जाना था, जिससे अनुमानित 2 अरब डॉलर सालाना नुकसान होता।

27 जून को ट्रम्प ने कनाडा को चेतावनी दी थी कि अगर टैक्स लगाया गया तो अमेरिका कनाडा पर कड़ा टैरिफ लगाएगा। इसके जवाब में कनाडा ने संयम दिखाते हुए टैक्स योजना वापस ले ली।

विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ वॉर से अमेरिका और कनाडा दोनों की अर्थव्यवस्था को नुकसान होता। कनाडा अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। ऐसे में यह फैसला द्विपक्षीय व्यापारिक स्थिरता के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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