सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल    :  नासा ने अपने क्रू कैप्सूल बोइंग CST-100 स्टारलाइनर को 2026 तक के लिए सेवा से बाहर (Grounded) करने का बड़ा फैसला लिया है। यह फैसला उस समय लिया गया जब जून 2024 में स्टारलाइनर में तकनीकी खामी सामने आई थी, जिसने मिशन की सुरक्षा और क्रू सदस्यों की जान को जोखिम में डाल दिया था।

इस तकनीकी गड़बड़ी के चलते नासा और बोइंग दोनों को ही अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी पड़ी। स्टारलाइनर को पहले भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स सहित अन्य एस्ट्रोनॉट्स को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक ले जाने के लिए सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था, लेकिन उसके बाद कैप्सूल में खराबी आ गई।

खराबी के कारण क्रू को स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल से धरती पर वापस लाया गया। नासा ने कहा कि स्टारलाइनर को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के लिए अभी और समय चाहिए, जिससे इसके सभी आगामी मिशनों को स्थगित कर दिया गया है।

इस फैसले से अंतरिक्ष अभियानों की गति जरूर प्रभावित होगी, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता देना नासा की नीति का हिस्सा है। जब तक सभी तकनीकी पहलुओं को हल नहीं किया जाता, स्टारलाइनर को दोबारा लॉन्च नहीं किया जाएगा।

इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि अंतरिक्ष क्षेत्र में अत्यधिक सावधानी और निरंतर परीक्षण कितने आवश्यक हैं, खासकर जब बात मानव मिशनों की हो।

#नासा #बोइंगस्टारलाइनर #अंतरिक्षयात्रा #तकनीकीखराबी #स्पेसमिशन #सुनीताविलियम्स