सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नेशनल साइंस डे के अवसर पर भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी), भोपाल में साइंस क्लब का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष व्याख्यानमाला में मलेरिया वैक्सीन एवं निदान में हालिया प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आईसीएमआर-राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान , डीएचआर के वैज्ञानिक जी एवं सीनियर कैलाश चंद पांडे रहे। उन्होंने मलेरिया के टीके और निदान में हालिया प्रगति विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि मलेरिया विश्व में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दो संस्थान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग संयुक्त रूप से संक्रमण की श्रृंखला को रोकने हेतु समाधान विकसित कर रहे हैं। पांडे ने बताया कि वर्तमान शोध के अनुसार अफ्रीका में लगभग 25 प्रतिशत मलेरिया परजीवी का जीन डायग्नोसिस संभव नहीं हो पा रहा है, जबकि भारत में यह 5–10 प्रतिशत के बीच है। इस चुनौती से निपटने के लिए वैज्ञानिक वैकल्पिक जीन/प्रोटीन मार्कर की पहचान पर कार्यरत हैं, जिन्हें रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट में उपयोग किया जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि मलेरिया रोकथाम हेतु दो स्तरों पर वैक्सीन विकसित की जा रही है—मॉस्किटो स्टेज, जिसमें एंटीबॉडी परजीवी की वृद्धि को 95 प्रतिशत तक कम कर सकती है, तथा ह्यूमन लिवर स्टेज, जिसमें प्रतिरक्षा विकसित कर संक्रमण रोका जा सकेगा। विकसित तकनीक एक कंपनी को हस्तांतरित की जा चुकी है और शीघ्र क्लीनिकल ट्रायल प्रारंभ होने की संभावना है। प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि आईसीएमआर मानकों के अनुरूप साइंस क्लब की स्थापना संस्थान के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम में सारिका कटियार, रविंद्र एम. समर्थ सहित चिकित्सक एवं शोधकर्ता उपस्थित रहे।

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