सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सतत संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बिसलेरी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी सीएसआर पहल ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ के अंतर्गत महाराष्ट्र के सबसे बड़े और प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान ताडोबा अंधारी टाइगर रिज़र्व के साथ साझेदारी की है।
यह सहयोग पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में जिम्मेदार प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सतत संरक्षण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है।
शुभारंभ कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों के रूप में उपस्थित थे:
श्री आनंद रेड्डी, उप वन संरक्षक (कोर),
श्री विवेक नथु, सहायक वन संरक्षक (कोर),
श्री विशाल वैद्य, वन परिक्षेत्र अधिकारी (कोलारा कोर),
श्रीमती योगिता मडावी, वन परिक्षेत्र अधिकारी (कोलारा बफर),
श्रीमती शोभा कोयचडे, कोलारा सरपंच,
श्री गजानन गुलधे, सातारा सरपंच,
श्री मधुकर जीवतोड़े, अध्यक्ष – ईडीसी कोलारा,
सुश्री चारुल परिहार, परियोजना प्रबंधक और
श्री के. गणेश, निदेशक, सततता और कॉर्पोरेट मामलों के प्रमुख, बिसलेरी इंटरनेशनल।
ताडोबा अंधारी टाइगर रिज़र्व, महाराष्ट्र के चंद्रपुर ज़िले में स्थित है, जो 1,727 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है और नागपुर से लगभग 150 किमी की दूरी पर है। यह रिज़र्व 12 अलग-अलग वन परिक्षेत्रों में विभाजित है और अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ विविध वनस्पतियाँ और जीव-जंतु पाए जाते हैं।
इस सहयोग के अंतर्गत, ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ परियोजना को रिज़र्व क्षेत्र में लागू किया गया है। यह परियोजना प्लास्टिक कचरा प्रबंधन से संबंधित पहलों को शामिल करती है, जो प्रति वर्ष रिज़र्व में आने वाले बड़ी संख्या में पर्यटकों के लिए जागरूकता बिंदु के रूप में कार्य करेंगी।
वन मार्गों के किनारे सूचना बोर्ड लगाए गए हैं ताकि आगंतुकों को उत्तरदायी प्लास्टिक निपटान के बारे में जागरूक किया जा सके। इसके अतिरिक्त, बिसलेरी की ‘बेंच ऑफ ड्रीम्स’ पहल के अंतर्गत उपयोग किए गए पीईटी बोतलों के ढक्कनों से बनी हरी बेंचें, और प्लास्टिक संग्रहण बिन भी लगाए गए हैं, ताकि स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित हो और प्लास्टिक को उचित चैनल के माध्यम से रीसायकल किया जा सके।
श्री के. गणेश, निदेशक – सततता एवं कॉर्पोरेट मामलों के प्रमुख, बिसलेरी इंटरनेशनल ने ब्रांड की प्रतिबद्धता को दोहराया:
“ताडोबा अंधारी टाइगर रिज़र्व के साथ हमारी साझेदारी बिसलेरी की सततता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। रिज़र्व में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन जैव विविधता को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सर्कुलर इकोनॉमी को भी बढ़ावा देता है। हम महाराष्ट्र वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हैं, जिनकी सक्रिय भागीदारी ने इस पहल को साकार किया।”
श्री आनंद रेड्डी, उप वन संरक्षक (कोर) ने कहा:
“वन्यजीवों की सुरक्षा, हमारे भविष्य की सुरक्षा है। वन्यजीव संरक्षण सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि जैव विविधता की रक्षा एक संतुलित पृथ्वी, समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र और प्रकृति तथा मानवता के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करती है।”
ताडोबा अंधारी टाइगर रिज़र्व के साथ यह साझेदारी ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ के मिशन को मजबूती देती है, जिसका उद्देश्य है – प्लास्टिक के लिए सर्कुलर इकोनॉमी को प्रोत्साहित करना और जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्रों का संरक्षण करना।
#बिसलेरी #ताडोबा_रिज़र्व #प्लास्टिक_रीसाइक्लिंग #पर्यावरण_संरक्षण #हरित_भारत #सतत_विकास #प्रकृति_सहेजें