सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एक ऐतिहासिक पहल के तहत जो स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी), नवाचार और परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकॉनॉमी) के सिद्धांतों को एक साथ जोड़ती है, बिसलेरी इंटरनेशनल ने श्री रेंगा पॉलिएस्टर प्राइवेट लिमिटेड के फ्लैगशिप सस्टेनेबल ब्रांड ईकोलाइन क्लोदिंग के साथ एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता बिसलेरी के मुंबई मुख्यालय में हुआ।

यह साझेदारी बिसलेरी की प्रमुख पहल “बॉटल्स फॉर चेंज” के तहत उपयोग की गई PET बोतलों को इकट्ठा कर उन्हें ईकोलाइन ब्रांड के तहत उच्च गुणवत्ता वाले फैशन और लाइफस्टाइल उत्पादों में बदलने के उद्देश्य से की गई है।

यह समझौता बिसलेरी इंटरनेशनल के सीईओ श्री एंजेलो जॉर्ज और श्री रेंगा पॉलिएस्टर के चेयरमैन श्री शंकर के द्वारा हस्ताक्षरित किया गया, इस दौरान बिसलेरी इंटरनेशनल के हेड ऑफ सस्टेनेबिलिटी एंड सीएसआर श्री के. गणेश और श्री रेंगा पॉलिएस्टर के मैनेजिंग डायरेक्टर और ईकोलाइन के को-फाउंडर श्री सेंथिल शंकर भी उपस्थित रहे।

इस भागीदारी के अंतर्गत, एकत्रित पेट बोतलों को ईकोलाइन की अत्याधुनिक “बॉटल-टू-फैब्रिक” तकनीक के माध्यम से जैकेट्स, यूनिफॉर्म, बैग्स और परिधान जैसे तैयार उत्पादों में बदला जाएगा।

इस तकनीक में डोप डाइंग और नैनो टेक्नोलॉजी का उपयोग होता है, जो उत्पादों को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाती है।

यह नवाचार मॉडल पहले भारतीय सेना (सियाचिन) और भूटान सरकार के साथ सफल सहयोग में भी आज़माया जा चुका है।

यह सहयोग एक ऐसा महत्वपूर्ण कदम है, जो दर्शाता है कि कैसे साझेदारी और सहयोग के माध्यम से हम एक परिपत्र और जलवायु-सजग भविष्य की ओर बढ़ सकते हैं।

इस अवसर पर बिसलेरी इंटरनेशनल के सीईओ श्री एंजेलो जॉर्ज ने कहा:

“भारत में प्लास्टिक प्रदूषण आज की सबसे गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक है। बिसलेरी में हम मानते हैं कि प्लास्टिक कचरे का प्रबंधन केवल एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आर्थिक अवसर भी है।

हमारी यह साझेदारी न केवल पेट बोतलों को रीसायकल करने का कार्य है, बल्कि उनकी संभावनाओं की नई कल्पना करते हुए उन्हें टिकाऊ फैशन और जीवनशैली समाधानों में बदलने का प्रयास भी है।”

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