सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पाकिस्तान के पूर्व मंत्री बिलावल भुट्टो संयुक्त राष्ट्र में एक पत्रकार के सवालों से घिर गए और उनकी बोलती बंद हो गई। संयुक्त राष्ट्र में मीडिया वार्ता के दौरान बिलावल भुट्टो ने आरोप लगाया कि पहलगाम आतंकी हमले का भारत में मुसलमानों को बदनाम करने के लिए राजनीतिक साजिश के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन इस आरोप का भारतीय पत्रकार अहमद फथी ने मौके पर करारा जवाब दिया।

अहमद फथी ने कहा कि भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में मुसलमानों को शामिल किया है। उन्होंने विशेष रूप से कर्नल सोफिया कुरैशी का उदाहरण दिया, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर ब्रीफिंग दी और इस अभियान में अहम भूमिका निभाई। फथी ने कहा, “सोफिया कुरैशी ने देश के लिए प्रेरणा बनकर पूरी ब्रीफिंग की, जो इस बात का सबूत है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख सभी समुदायों के लिए समान है।”

बिलावल भुट्टो इस जवाब के सामने खामोश हो गए और उन्होंने भारत के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर भी संयुक्त राष्ट्र से कोई मदद न मिलने की बात कही, लेकिन इस बार भी उनकी बातों का कोई खास समर्थन नहीं मिला।

यह घटना दिखाती है कि कैसे सचाई और तथ्य सामने आने पर झूठे आरोपों की पोल खुल जाती है। बिलावल भुट्टो के आरोपों पर पत्रकार का बेहतरीन जवाब भारतीय सेना और देश के बहुलतावाद का जीता-जागता उदाहरण है। इस घटना ने कश्मीर विवाद और पाकिस्तान के राजनीतिक आरोपों पर एक नया प्रकाश डाला है।

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