सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नजदीक आते ही महागठबंधन में दरारें स्पष्ट हो रही हैं। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर मतभेद उभरकर सामने आए हैं। आरजेडी ने 143 उम्मीदवारों की घोषणा की है, जबकि कांग्रेस ने 61 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। कुछ सीटों पर दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं, जिसे ‘दोस्ताना लड़ाई’ कहा जा रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू पटना में बैठकें कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने तेजस्वी यादव से बातचीत की है। इसके बावजूद गठबंधन में असहमति बनी हुई है। कांग्रेस ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने महागठबंधन से बाहर निकलने का निर्णय लिया है, जिससे गठबंधन की स्थिति और कमजोर हुई है। JMM ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और आरजेडी ने उसे चुनावी मैदान में नहीं उतारने की साजिश की है।
इन घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि महागठबंधन में एकजुटता की कमी है, जो आगामी चुनावों में उसकी सफलता पर प्रश्नचिह्न लगा सकती है।
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