सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भाभा विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय द्वारा तृतीय राष्ट्रीय वर्तमान उत्तम उत्पादन पद्धति दिवस (तीसरा राष्ट्रीय सीजीएमपी दिवस 2025)का आयोजन विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में गरिमामय वातावरण में किया गया।
इस वर्ष का विषय था — “क्वालिटी फर्स्ट: प्रमोटिंग एक्सीलेंस थ्रू सीजीएमपी अवेयरनेस।
कार्यक्रम की अध्यक्षता फार्मेसी संकाय के डीन प्रो. शैलेश कुमार घटुवारी ने की। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज़ केवल नियम नहीं, बल्कि वैज्ञानिक अनुशासन, तकनीकी उत्कृष्टता और नैतिक जिम्मेदारी का प्रतीक हैं।”
उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे औषध निर्माण में गुणवत्ता संस्कृति को अपनाएँ और भारत को “विश्व की फार्मेसी” के रूप में सशक्त बनाएँ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रहे शिव प्रसाद मिश्रा, सीक्यूए हेड, अकुम्स फार्मास्युटिकल लिमिटेड, हरिद्वार, जिन्होंने दवा निर्माण में क्लीन रूम टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन, और क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम्स की महत्ता पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों एवं शिक्षकों ने आधिकारिक आईडीएमए वेब पोर्टल के माध्यम से “सीजीएमपी जागरूकता और गुणवत्ता प्रतिबद्धता प्रतिज्ञा ” लिया, जिसमें उन्होंने औषध निर्माण, शिक्षा एवं अनुसंधान में गुणवत्ता, सुरक्षा और नैतिकता का पालन करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. सत्कार प्रसाद (प्राचार्य, आर.के.डी.एफ. स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंस), डॉ. ओ.पी. अग्रवाल (प्राचार्य, बी.पी.आर.आई.), सत्यवान दांगी (प्राचार्य, आर.के.डी.एफ. इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी साइंस) तथा रजनी देशपांडे (प्राचार्य, बी.पी.पी.) कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन रजनी देशपांडे द्वारा किया गया।
डॉ. मनोज शुक्ल, ग्रुप डायरेक्टर, भाभा विश्वविद्यालय ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
फार्मेसी संकाय के सभी शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया
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