सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में वर्ष 2025 की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
वर्तमान में जिला भोपाल अंतर्गत न्यायालयों में समस्त प्रकार के कुल 1,56,644 मामले लंबित मामले हैं। नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित आपराधिक शमनीय प्रकरण, धारा 138 पराक्राम्य लिखित अधिनियम, क्लेम प्रकरण, विद्युत अधिनियम, वैवाहिक विवाद सम्बंधी व अन्य सिविल प्रकरण सहित कुल 17,241 राजीनामा योग्य प्रकरण रखे गये है। विधुत्त अधिनियम, बैंक रिकवरी, जलकर एवं बी.एस.एन.एल. विभाग, यातायात ई-चालान से संबंधित 60,989 प्रीलिटिगेशन प्रकरण नेशनल लोक अदालत के समक्ष रखे गए है। नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए जिला न्यायालय भोपाल, तहसील न्यायालय बैरसिया, कुटुम्ब न्यायालय, श्रम न्यायालय, रेरा सहित कुल 61 खण्डपीठों का गठन किया गया है।
इस बार विद्युत से संबंधित प्रकरणों में राज्य शासन उर्जा विभाग के निर्देशानुसार आंकलित सिविल दायित्व की राशि रूपए 10 लाख तक के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों पर 30 प्रतिशत एवं लिटिगेशन प्रकरणों पर 20 प्रतिशत छूट रहेगी। साथ ही आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 16 प्रतिशत की दर से लगने वाले चकवृद्धि ब्याज में 100 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी।
नगर निगम भी पूर्व की लोक अदालतों की भांति लोक अदालत में छूट प्रदान करेगा।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सुनीत अग्रवाल ने बताया कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण का निराकरण होने से संपूर्ण कोर्ट फीस वापसी होती है। साथ ही पक्षकारों के मध्य आपसी सहमति से सौहार्दपूर्व वातावरण में प्रकरण का निराकरण होने से समय व धन की बचत भी होती है। अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल एवं तहसील विधिक सेवा समिति बैरसिया से सम्पर्क किया जा सकता है।
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