भारत से चोरी कर विदेश पहुंचाई गई करोड़ों रुपये मूल्य की एक प्राचीन मूर्ति को आखिरकार इंग्लैंड के एक संग्रहालय ने वापस लौटा दिया है। यह मूर्ति भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है और कई वर्षों से विदेश में रखी हुई थी। अब इसे आधिकारिक प्रक्रिया के बाद भारत को सौंप दिया गया है। जानकारी के अनुसार यह मूर्ति कई दशक पहले भारत से अवैध रूप से तस्करी कर विदेश ले जाई गई थी। बाद में यह इंग्लैंड के एक संग्रहालय के संग्रह में पहुंच गई। भारतीय एजेंसियों और सरकार के लगातार प्रयासों के बाद इस मूर्ति की पहचान हुई और इसे वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए ब्रिटेन से संपर्क किया और ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर मूर्ति की वापसी की मांग की। जांच में यह साबित हुआ कि यह मूर्ति भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का हिस्सा है और इसे अवैध रूप से देश से बाहर ले जाया गया था। इसके बाद संग्रहालय प्रशासन ने इसे भारत को लौटाने का निर्णय लिया। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक मूर्ति की वापसी नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक धरोहर को वापस लाने की दिशा में बड़ी सफलता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत कई देशों से सैकड़ों प्राचीन मूर्तियां और कलाकृतियां वापस लाने में सफल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी कलाकृतियां केवल ऐतिहासिक महत्व ही नहीं रखतीं, बल्कि वे भारत की सभ्यता, कला और परंपरा की पहचान भी हैं। इनकी वापसी से देश की सांस्कृतिक विरासत और मजबूत होती है। सरकार ने कहा है कि भविष्य में भी विदेशों में मौजूद भारतीय प्राचीन कलाकृतियों की पहचान कर उन्हें वापस लाने के प्रयास जारी रहेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रह सकें।
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