सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  बांग्लादेश में अवामी लीग के प्रस्तावित देशव्यापी विरोध प्रदर्शन से पहले कई शहरों में बुधवार देर रात फिर हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता और बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान ‘बंगबंधु’ के ढाका स्थित धनमंडी-32 आवास पर धावा बोला और तोड़फोड़ की।

उधर, खुलना में शेख हसीना के चचेरे भाई शेख सोहेल, शेख जेवेल के घरों को दो बुलडोजरों से ध्वस्त कर दिया गया है। इस हिंसा को लेकर शेख हसीना ने कहा कि किसी ढांचे को मिटाया जा सकता है, लेकिन इतिहास को नहीं मिटाया जा सकता।

हसीना ने कहा-

एक घर से क्यों डरना? मैं बांग्लादेश के लोगों से इंसाफ चाहती हूं। क्या मैंने अपने देश के लिए कुछ नहीं किया? फिर इतना अपमान क्यों? एक इमारत को मिटाया जा सकता है, लेकिन इतिहास को नहीं मिटाया जा सकता। मेरे पिता का घर तोड़ने वालों को याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है।

मुजीबुर्रहमान के घर में लोगों की भीड़ ने आग लगा दी।
मुजीबुर्रहमान के घर में लोगों की भीड़ ने आग लगा दी।
शेख हसीना के चाचा अगस्त में देश छोड़कर भाग गए थे। उनके घर पर तोड़फोड़ रात 9 बजे हुई। छात्र आंदोलन के नेताओं ने नगर निगम से 2 बुलडोजर मंगवाए और मकान को गिरा दिया।
शेख हसीना के चाचा अगस्त में देश छोड़कर भाग गए थे। उनके घर पर तोड़फोड़ रात 9 बजे हुई। छात्र आंदोलन के नेताओं ने नगर निगम से 2 बुलडोजर मंगवाए और मकान को गिरा दिया।

शेख मुजीब के आवास और संग्रहालय में भी घुसे उपद्रवी बांग्लादेश में हाल ही में हिंसा की शुरुआत सोशल मीडिया पर ‘बुलडोजर जुलूस’ के ऐलान के बाद हुई। जब हमला हुआ, तब वहां सुरक्षाबल भी मौजूद थे। भीड़ को वहां से जाने के लिए समझाने की कोशिश की, लेकिन सारी कोशिशें नाकाम रहीं।

कुछ उपद्रवी शेख मुजीब के आवास और संग्रहालय में भी घुस गए। बालकनी पर चढ़ गए और तोड़फोड़ की। बताया जा रहा है कि आवास में आगजनी भी की गई है। इसके कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

कल हिंसा क्यों भड़की? दरअसल, शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने 6 फरवरी को अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को सड़क पर उतरने की अपील की थी। पार्टी पूर्व PM हसीना पर लगे कथित मामले दर्ज करने और अल्पसंख्यकों पर हमले के विरोध में मार्च निकालने का आह्वान किया था।

कल शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के 6 महीने पूरे हो गए हैं। रात 9 बजे शेख हसीना अपने समर्थकों के लिए ऑनलाइन भाषण देने वाली थीं।

इससे पहले ’24 रिवोल्यूशनरी स्टूडेंट-जनता’ नाम के छात्र संगठन ने इसके विरोध में रात 9 बजे ‘बुलडोजर मार्च’ निकालने का ऐलान किया। इसके लिए सोशल मीडिया पर प्रचार किया गया। इसमें शेख हसीना के पिता का घर गिराए जाने की बात कही गई, लेकिन प्रदर्शनकारी 8 बजे ही शेख मुजीबुर्ररहमान के घर धनमंडी-32 पहुंच गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी।

हिंसा और तोड़फोड़ की 10 फुटेज…

मुजीबुर्रहमान के घर के बाहर प्रदर्शनकारी।
मुजीबुर्रहमान के घर के बाहर प्रदर्शनकारी।
शेख मुजीबुर्रहमान के आवास के बाहर उनकी तस्वीर को तोड़ दिया गया।
शेख मुजीबुर्रहमान के आवास के बाहर उनकी तस्वीर को तोड़ दिया गया।
प्रदर्शनकारी शेख मुजीबुर्रहमान के घर की दूसरी मंजिल तक पहुंच गए।
प्रदर्शनकारी शेख मुजीबुर्रहमान के घर की दूसरी मंजिल तक पहुंच गए।
शेख मुजीबुर्रहमान के घर की बाउंड्री को बुलडोजर से तोड़ा गया।
शेख मुजीबुर्रहमान के घर की बाउंड्री को बुलडोजर से तोड़ा गया।
मुजीबुर्ररहमान के घर की दीवार को तोड़ते प्रदर्शनकारी।
मुजीबुर्ररहमान के घर की दीवार को तोड़ते प्रदर्शनकारी।
मुजीबुर्रहमान के घर की रेलिंग को तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी।
मुजीबुर्रहमान के घर की रेलिंग को तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी।
घर के दरवाजे को तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी।
घर के दरवाजे को तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी।
घर के अंदर के फर्नीचर में आग लगा दी।
घर के अंदर के फर्नीचर में आग लगा दी।
हिंसक भीड़ आवास की बालकनी तक पहुंच गई।
हिंसक भीड़ आवास की बालकनी तक पहुंच गई।
मुजीबुर्रहमान के घर तोड़फोड़ के समय काफी तादाद में पुलिस फोर्स वहां तैनात थी।
मुजीबुर्रहमान के घर तोड़फोड़ के समय काफी तादाद में पुलिस फोर्स वहां तैनात थी।

प्रदर्शनकारी ‘शेख हसीना को फांसी दो’ के नारे लगा रहे थे प्रदर्शनकारी शेख मुजीबुर्ररहमान के घर का मेनगेट तोड़कर अंदर घुस गए। इस दौरान वे ‘फांसी दो, फांसी दो। शेख हसीना को फांसी दो।’ पूरे बंगाल (बांग्लादेश) को खबर दो, मुजीबुर्रहमान की कब्र खोद दो’ ‘अवामी लीग के लोगों को पीटो, बांग्लादेश में वे नहीं रहेंगे’ के नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मुजीबुर्रहमान का घर ‘फासीवादियों का गढ़’ है, इससे छुटकारा पाना जरूरी है।’

इसी घर में हुई थी बंगबंधु की हत्या बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान इसी घर में रहा करते थे। 15 अगस्त 1975 को बंगबंधु, उनकी पत्नी, बेटे, बहू और कई रिश्तेदारों की इसी घर में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद इस घर को एक स्मारक संग्रहालय के रूप में बनाया गया था। इससे पहले 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद भीड़ ने इस घर पर हमला किया था। तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई थी। तब से यह घर वीरान था।

भीड़ ने घर में आग लगा दी।
भीड़ ने घर में आग लगा दी।

आरक्षण के खिलाफ आंदोलन ने किया था तख्तापलट शेख हसीना पिछले साल 5 अगस्त को देश छोड़कर भारत आ गई थीं। दरअसल, उनके खिलाफ देशभर में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। बांग्लादेश में 5 जून को हाईकोर्ट ने जॉब में 30% कोटा सिस्टम लागू किया था, इस आरक्षण के खिलाफ ढाका में यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे थे। यह आरक्षण स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को दिया जा रहा था।

हसीना की सरकार ने जैसे ही यह आरक्षण खत्म किया तो इसके बाद छात्रों ने उनके इस्तीफे की मांग शुरू कर दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्र और आम लोग हसीना और उनकी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आए। इस प्रोटेस्ट के दो महीने बाद 5 अगस्त को उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद अंतरिम सरकार की स्थापना की गई।

हसीना का पासपोर्ट रद्द, गिरफ्तारी वारंट जारी बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद बनी यूनुस सरकार ने हसीना पर हत्या, अपहरण से लेकर देशद्रोह के 225 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं। वहीं, बांग्लादेशी सरकार ने चेतावनी दी है कि भारत में रहते हुए हसीना की तरफ से दिए जा रहे बयान दोनों देशों के संबंध बिगाड़ रहे हैं।​​​​

बांग्लादेश सरकार ने जुलाई में हुई हत्याओं की वजह से शेख हसीना का पासपोर्ट भी रद्द कर दिया है। वहीं बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। ट्रिब्यूनल ने हसीना को 12 फरवरी तक पेश होने का निर्देश दिया है।

बांग्लादेश भारत से हसीना को डिपोर्ट करने की अपील भी कर चुका है। हालांकि, भारत सरकार उनका वीजा बढ़ा चुकी है, जिससे यह साफ हो गया कि उन्हें बांग्लादेश डिपोर्ट नहीं किया जाएगा।

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