सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क– इंटीग्रेटेड ट्रेड- न्यूज़ भोपाल: बागपत जेल समाचार: जेल के बंदी भी समाज का अभिन्न हिस्सा होते हैं और उनका पुनर्वास एक महत्वपूर्ण उद्देश्य होता है। इसी सोच के तहत बागपत जेल प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है, जो न केवल जेल के माहौल में सुधार लाएगी बल्कि बंदियों के जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन करेगी।
कैसा होगा ‘मंत्रिमंडल’ का स्वरूप?
इस विशेष ‘मंत्रिमंडल’ में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ बंदी कैबिनेट के सदस्य बनेंगे। स्वास्थ्य मंत्री के रूप में डॉक्टर बंदी, कृषि मंत्री के रूप में आधुनिक किसान, कानून मंत्री के रूप में वकील, और खेल मंत्री के रूप में पहलवान जैसे लोग चुने जाएंगे। इनका मुख्य कार्य अपने-अपने क्षेत्रों में बंदियों को मार्गदर्शन देना और जेल प्रशासन को जानकारी उपलब्ध कराना होगा।
मंत्रिमंडल के कार्य और जिम्मेदारियाँ
1. स्वास्थ्य मंत्री: जेल के बंदियों की बीमारियों पर नजर रखेंगे और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सलाह देंगे। वे जेल प्रशासन को भी स्वास्थ्य की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
2. कृषि मंत्री: जेल में हो रही खेती का जिम्मा संभालेंगे और बंदियों को आधुनिक खेती के गुर सिखाएंगे, जिससे वे बाहर निकलने के बाद अपनी खेती में सुधार कर सकें।
3. कानून मंत्री: बंदियों को कानूनी सलाह देंगे और उन्हें उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करेंगे।
4. शिक्षा मंत्री: बंदियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करेंगे और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करेंगे।
5. कौशल विकास मंत्री: जेल में चलने वाली कौशल विकास की गतिविधियों का संचालन करेंगे।
पंचायत से कैबिनेट तक का सफर
बागपत जेल के जेलर जितेन्द्र कश्यप ने बताया कि कुछ महीने पहले जेल में ‘पंचायत’ का गठन किया गया था, जिसमें सरपंच चुने गए थे जो बंदियों की समस्याओं का समाधान करा रहे थे। इस पहल ने जेल के माहौल को खुशनुमा बना दिया और समस्याओं की संख्या में कमी आई। अब इस सफल प्रयास को और व्यापक बनाते हुए कैदियों की ‘कैबिनेट’ का गठन किया जा रहा है। बंदियों को चिह्नित कर लिया गया है और जल्द ही यह ‘मंत्रिमंडल’ काम करना शुरू कर देगा।
जेल का परिचय
– जेल उद्घाटन: 16 मई 2016
– क्षमता: 660 बंदी
– वर्तमान बंदी संख्या: 765 (महिला बंदी: 21)
जेलर का बयान
बागपत जिला जेल के जेलर जितेन्द्र कश्यप ने कहा कि बंदियों की ‘कैबिनेट’ बनाने पर काम चल रहा है और जल्द ही इसका गठन हो जाएगा। यह ‘मंत्रिमंडल’ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ बंदियों को लेकर बनाया जा रहा है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून, कृषि और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार हो सके। ये सभी बंदी अपने-अपने विभागों की गतिविधियों को संचालित करके जेल प्रशासन और बंदियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।
निष्कर्ष
बागपत जेल की यह अनूठी पहल देशभर में एक मिसाल बन सकती है। यह न केवल बंदियों के पुनर्वास में मददगार साबित होगी बल्कि समाज में उनका पुन: एकीकरण भी सुगम बनाएगी।