सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल ने कहा है कि देश की आर्थिक उन्नति में दुग्ध उत्पादन का महत्वपूर्ण स्थान है। गौ एवं भैंस वंशीय पशुओं की नस्ल सुधार कर दुग्ध उत्पादन में काफी बढ़ोतरी की जा सकती है। कृत्रिम गर्भाधान के द्वारा गौ एवं भैंस वंश में नस्ल सुधार को एक अभियान के रूप में चलाया जाए। प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दुग्ध उत्पादन को 9% से बढाकर 20% तक किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हमें इसे शीघ्र पूरा करना है। गुणवत्ता पूर्ण कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार और ब्रीडिंग कवरेज बढ़ाकर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की जा सकेगी। केंद्र द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को भी प्रदेश में प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।


राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान भोपाल में कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने, कृत्रिम गर्भाधान के द्वारा प्रदेश के गोवंश एवं भैंसवंश में नस्ल सुधार को एक अभियान के रूप में चलाने, सॉर्टेड सेक्सड सीमेन तकनीक, साइलेज उत्पादन, फीड एंड फॉडर आदि विषयों पर समस्त प्रतिभागियों से चर्चा एवं संवाद किया गया। कार्यशाला में उमाकांत उमराव प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी, सत्येंद्र सिंह सचिव पशुपालन एवं डेयरी, पी.एस. पटेल संचालक पशुपालन एवं डेयरी, उमेश चंद्र शर्मा प्रेसिडेंट भारतीय पशु चिकित्सा परिषद नई दिल्ली, संजय गोवानी प्रबंध संचालक एमपीसीडीएफ, सत्य निधि शुक्ला प्रबंध संचालक राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम, डॉ. मनोज गौतम संयुक्त संचालक, राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान उपस्थित रहे। कार्यशाला में प्रदेश के समस्त जिलों से अधिकारी गण सम्मिलित हुए।
गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला के अंत में समस्त प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया और फीडबैक भी प्राप्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रियकांत पाठक द्वारा तथा संयोजन अनुपम अग्रवाल द्वारा किया गया।

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