सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मानव इतिहास की सबसे अद्भुत उपलब्धियों में से एक को चिह्नित करते हुए, आंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल द्वारा अंतरराष्ट्रीय चंद्रमा दिवस मनाया गया । यह आयोजन विद्यार्थियों और आम दर्शकों के लिए प्रेरणादायक व शैक्षणिक गतिविधियों से भरपूर रहा । 16 जुलाई 1969 को नासा का अपोलो-11 यान केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ। केवल चार दिन बाद, 20 जुलाई 1969 को नील आर्मस्ट्रांग ने चंद्रमा पर पहला कदम रखा, उनके पीछे बज़ एल्ड्रिन भी उतरे, जबकि माइकल कॉलिंस यान की कक्षा में परिक्रमा कर रहे थे।
आर्मस्ट्रांग के शब्द – “यह मनुष्य के लिए एक छोटा कदम है, लेकिन मानवता के लिए एक विशाल छलांग” – आज भी प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों, परिवारों और आम आगंतुकों के लिए विज्ञान केन्द्र में रोचक एवं शैक्षिक गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की गई। इन गतिविधियों का उद्देश्य चंद्र विज्ञान, अंतरिक्ष अन्वेषण तथा ऐतिहासिक अपोलो-11 मिशन के प्रति जिज्ञासा और समझ को प्रेरित करना था। निम्नलिखित गतिविधियाँ आयोजित की गईं:
1. मून लैंडर निर्माण कार्यशाला
विद्यार्थियों ने इस हैंड्स-ऑन कार्यशाला में सक्रिय रूप से भाग लिया, जहाँ उन्होंने अंतरिक्ष अभियानों के पीछे के विज्ञान और इंजीनियरिंग को समझा। उन्होंने कागज से ईगल लूनर मॉड्यूल का प्रतिरूप (मॉडल) तैयार किया। इस दौरान उन्होंने इसके विभिन्न भागों जैसे – अवतरण चरण (अवरोहण चरण), आरोहण चरण , हैच, ईंधन टैंक, तथा एएफटी उपकरण (पिछाड़ी उपकरण) आदि के महत्व को समझा। सभी भागों को जोड़कर उन्होंने सफलतापूर्वक ईगल का एक मॉडल तैयार किया और जाना कि अपोलो-11 मिशन में इसकी क्या भूमिका रही।

2. चंद्रमा पर प्रदर्शन
विद्यार्थियों, अभिभावकों और अन्य आगंतुकों के लिए एक विशेष प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें चंद्रमा से जुड़ी अनेक रोचक बातें प्रदर्शित की गईं। इंटरैक्टिव प्रॉप्स की सहायता से चंद्र सतह की संरचना, ग्रहण, चंद्र कलाएँ, तथा पृथ्वी व चंद्रमा की गति और घूर्णन आदि को सरल ढंग से समझाया गया। यह प्रदर्शन प्रभावशाली और ज्ञानवर्धक रहा, जिससे सभी दर्शकों में विशेष रुचि देखी गई।

3. प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
अपोलो-11 मिशन और चंद्रमा से संबंधित सामान्य तथ्यों पर आधारित एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों और आम आगंतुकों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को अंतरिक्ष विज्ञान के बारे में रोचक ढंग से सीखने और अपनी जानकारी को परखने का अवसर मिला।
4. फिल्म प्रदर्शन एवं जानकारीपूर्ण सत्र – अपोलो 11 मिशन पर
दर्शकों के लिए अपोलो-11 मिशन पर एक प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसके बाद एक संवादात्मक सत्र आयोजित हुआ। इसमें प्रतिभागियों ने जाना कि किस प्रकार तीनों अंतरिक्षयात्रियों – नील आर्मस्ट्रॉन्ग, एडविन “बज़” एल्ड्रिन, और माइकल कॉलिन्स ने साहस और समझदारी के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक मिशन को सफल बनाया।
सत्र में यह भी चर्चा की गई कि यह मिशन केवल अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानव जाति के लिए क्यों महत्वपूर्ण था। साथ ही इसने भारत को भी प्रेरित किया है – विशेषकर गगनयान मिशन और आगामी भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की दिशा में हमारे प्रयासों को।
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