सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि समारोह में भाग लिया। यह भव्य आयोजन शाम को शुरू हुआ और गुरुवार सुबह तक चला, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। इस दौरान शाह ने योग, आध्यात्म और भारतीय संस्कृति पर अपने विचार साझा किए।
शिव शाश्वत और चेतना के प्रतीक: अमित शाह
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने योग को नया आयाम दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के जरिए योग को वैश्विक पहचान दिलाई। उन्होंने कहा, “शिव शाश्वत हैं और चेतना का प्रतिनिधित्व करते हैं।”
जग्गी वासुदेव ने किया स्वागत
शाह हेलीकॉप्टर से वेल्लियांगिरी की तलहटी स्थित ईशा योग केंद्र पहुंचे, जहां संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने उनका स्वागत किया। अमित शाह ने उन्हें समारोह में आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया और ईशा फाउंडेशन के योग व अध्यात्म के प्रचार-प्रसार में योगदान की सराहना की।
शिवरात्रि समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और ध्यान सत्र
इस महाशिवरात्रि समारोह में संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सद्गुरु और अन्य आध्यात्मिक नेताओं के नेतृत्व में गहन ध्यान सत्र भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
अमित शाह ने की ‘मिट्टी बचाओ मिशन’ की सराहना
अमित शाह ने सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ‘मिट्टी बचाओ मिशन’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने देशभर में मिट्टी संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाई है। उन्होंने कहा, “पर्यावरण संरक्षण के प्रति इस मुहिम ने दुनिया को गहरा संदेश दिया है।”
‘आदियोगी’ प्रतिमा और आत्म-साक्षात्कार का केंद्र
गृह मंत्री ने 112 फुट ऊंची आदियोगी प्रतिमा को भारत की आध्यात्मिक यात्रा के 112 मार्गों का प्रतिनिधित्व बताया और कहा कि ईशा योग केंद्र केवल तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि भक्ति, आत्म-साक्षात्कार और मुक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।
कई गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस आयोजन में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन और भाजपा के तमिलनाडु प्रमुख के. अन्नामलाई भी उपस्थित रहे।
भारतीय संस्कृति और योग के प्रसार का प्रतीक महाशिवरात्रि समारोह
ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि समारोह एक वार्षिक आयोजन बन चुका है, जहां देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु आते हैं। यह आयोजन योग और आध्यात्मिकता के प्रति बढ़ती रुचि का प्रमाण है और भारतीय संस्कृति में महाशिवरात्रि के महत्व को दर्शाता है।

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