सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर आज सर्राफा बाजार में साफ देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प की ओर रुख किया, जिसके चलते सोने की कीमतों में करीब ₹7,000 की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध या सैन्य टकराव की स्थिति बनती है, तो निवेशक शेयर बाजार जैसी जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों से निकलकर सोना और डॉलर जैसे सुरक्षित विकल्पों में निवेश बढ़ा देते हैं। इसी कारण घरेलू बाजार में भी सोने के दामों में उछाल आया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा। डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी महंगाई की आशंका बढ़ाई है, जिससे सोने की मांग और बढ़ी।
ज्वैलर्स का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में हालात जल्द सामान्य नहीं होते, तो आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं निवेश सलाहकारों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी सुरक्षित विकल्प बना हुआ है, लेकिन ऊंचे स्तर पर खरीदारी करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
बाजार विशेषज्ञ फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। भू-राजनीतिक तनाव कम होने की स्थिति में कीमतों में सुधार संभव है, लेकिन अनिश्चितता बनी रहने पर सोने की चमक और बढ़ सकती है।