सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह के मार्गदर्शन में संस्थान के फार्माकोलॉजी विभाग और सोसाइटी ऑफ फार्माकोविजिलेंस, इंडिया (SoPI) के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘सोपीकॉन (SoPICON) 2025’ का सफल आयोजन किया गया। यह सम्मेलन जिसमें देश-विदेश के 300 से अधिक शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और छात्र शामिल हुए। मेडिसिन, मेडिकल उपकरण, वैक्सीन और अन्य स्वास्थ्य उत्पादों के सुरक्षित उपयोग के माध्यम से रोगी सुरक्षा को बढ़ाने की महत्वपूर्ण थीम पर केंद्रित यह सम्मेलन अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
निदेशक सिंह ने इस आयोजन की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, “रोगी सुरक्षा, प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल की नींव है। सोपीकॉन 2025 ने नवाचार को बढ़ावा देने, विशेषज्ञता साझा करने और स्वास्थ्य देखभाल प्रक्रियाओं को सुरक्षित बनाने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान किया है, जो न केवल स्वास्थ्य पेशेवरों बल्कि मरीजों और समुदायों के लिए भी लाभकारी है।” फार्माकोलॉजी विभाग के प्रमुख और आयोजन अध्यक्ष बालकृष्णन एस ने सम्मेलन की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सम्मेलन केवल दवाओं तक सीमित न रहकर चिकित्सा उपकरणों, वैक्सीन और अन्य स्वास्थ्य उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी केंद्रित है।
डब्ल्यूएचओ जिनेवा मुख्यालय में फार्माकोविजिलेंस की टीम लीड डॉ. शांति पाल ने उद्घाटन सत्र में फार्माकोविजिलेंस के वैश्विक महत्व और इसके बढ़ते हुए दायरे पर जोर दिया। आयोजन सचिव रतींदर झाज और संयुक्त सचिव शिल्पा कौरे द्वारा समन्वित सत्रों में सामुदायिक और चिकित्सा शिक्षा में फार्माकोविजिलेंस, जोखिम आकलन और इकोफार्माकोविजिलेंस पर वर्तमान प्रवृत्तियों जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान उप निदेशक (प्रशासन) कर्नल अजीत कुमार, एनाटॉमी विभाग की प्रमुख बर्था रथिनम और सोसायटी ऑफ फार्माकोविजिलेंस इंडिया (SoPI) के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहें।
अंतिम दिन के सत्रों में दवा विकास, नियमन और फार्माकोविजिलेंस के भविष्य पर गहन विचार-विमर्श हुआ। अजय शुक्ला, अहमद नजमी और शुभम अटल के समन्वयन में आयोजित प्रतियोगिताओं में 35 से अधिक मौखिक प्रस्तुतियां और 125 पोस्टर प्रस्तुतियां शामिल थीं, जिसमें उभरते हुए शोधकर्ताओं ने अपनी नवाचारी खोजों का प्रदर्शन किया। सम्मेलन का समापन शानदार वैलिडिक्टरी समारोह और पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। प्रो. बालकृष्णन एस ने समापन टिप्पणी दी और SoPI के महासचिव प्रो. जियाउर रहमान ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। सोपीकॉन 2025 की सफलता ने रोगी सुरक्षा और फार्माकोविजिलेंस प्रथाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग और ज्ञान साझा करने के महत्व को रेखांकित किया।
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