सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  /   नई दिल्ली :  अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड पर अमेरिका में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रिश्वत देने और अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने का आरोप है। अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन  ने न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में बताया कि भारतीय अधिकारियों ने गौतम अडाणी और उनके सहयोगियों को कानूनी नोटिस (समन) देने में देरी की, जिससे 265 मिलियन डॉलर के इस मामले में सुनवाई रुकी हुई है।

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने फरवरी 2025 में अडाणी को अमेरिका से समन भेजा था। इसे केंद्र सरकार ने 25 फरवरी को अहमदाबाद की सेशन कोर्ट को ट्रांसफर किया ताकि नोटिस अडाणी के शांतिवन फार्म हाउस तक पहुंच सके। यह समन 1965 की हेग संधि के तहत भेजा गया। इसके पहले 23 नवंबर 2024 को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन  ने अडाणी को आरोपों पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए समन भेजा था।

अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस के आरोपों के अनुसार, अडाणी ग्रुप ने भारत में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर (करीब 2,029 करोड़ रुपए) की रिश्वत दी। गौतम अडाणी, उनके भतीजे सागर अडाणी और अन्य सहयोगियों ने अधिकारियों से बातचीत कर सोलर पावर एग्रीमेंट कराने की साजिश रची। इसके चलते आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में संबंधित राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों ने कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए।

अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन और न्याय विभाग का कहना है कि अडाणी ग्रुप ने निवेशकों और बैंकों को झूठा सूचना देकर करोड़ों डॉलर जुटाए। यह मामला 24 अक्टूबर 2024 को न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में दर्ज किया गया था और अब नोटिस की देरी से सुनवाई में बाधा उत्पन्न हुई है।

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