सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रिलायंस पावर के शेयरों में हालिया तेजी के चलते निवेशकों का उत्साह चरम पर है। मार्च 2020 में जिस कंपनी के शेयर की कीमत महज ₹1.1 थी, वही अब ₹70 से ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि कंपनी की रणनीतिक रूप से किए गए विस्तार, स्मार्ट फैसलों और भविष्य केंद्रित विज़न की सफलता का परिणाम है।
नए प्रोजेक्ट्स से मिला बूस्ट
रिलायंस पावर की सहायक कंपनी रिलायंस NU एनर्जीज को हाल ही में SJVN लिमिटेड से सौर ऊर्जा परियोजना और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के लिए बड़ा ऑर्डर मिला है। इसके अलावा कंपनी को भूटान सरकार के साथ 500 मेगावाट के सबसे बड़े प्राइवेट सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए टर्म शीट मिली है, जो उसके अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
भविष्य की तैयारी
कंपनी का दावा है कि वह भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड सोलर और BESS कंपनी बनने की ओर अग्रसर है। 2.5 GWp की क्लीन एनर्जी पाइपलाइन के साथ वह न केवल देश में, बल्कि दक्षिण एशिया में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।
कॉस्ट कटिंग और मुनाफा
मार्च तिमाही में कंपनी ने ₹126 करोड़ का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल के ₹397 करोड़ घाटे से जबरदस्त बदलाव है। यह कंपनी की लागत प्रबंधन रणनीति की सफलता को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए संकेत
स्टॉक मार्केट के जानकारों का मानना है कि रिलायंस पावर का यह पुनरुत्थान दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक गोल्डन ऑपर्च्युनिटी हो सकता है। कंपनी की क्लीन एनर्जी पर फोकस, मुनाफा दर्ज करने की क्षमता और लगातार प्रोजेक्ट्स हासिल करना इसे निवेश के लिए सशक्त विकल्प बनाता है।
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