आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कांग्रेस पार्टी हमेशा से नारी सम्मान एवं नारी सशक्तिकरण की पक्षधर रही है। महात्मा गांधी,पंडित जवाहरलाल नेहरू एवं इंदिरा गांधी ने नारी शिक्षा, नारी सुरक्षा व नारी सशक्तिकरण को प्रमुखता दी।

राजीव गांधी ने स्थानीय निकायों एवं पंचायतों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था, जिसे उनके बाद की कांग्रेस सरकार ने संविधान में 73 वां एवं 74वां संशोधन कर पूरा किया। सोनिया गांधी की पहल पर यूपीए सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून बनाया, जिसमें गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता एवं पौष्टिक आहार मिलने की व्यवस्था की गई।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में महिला नेतृत्व की प्रमुख भूमिका रही है। एनीबेसेन्ट, नलिनी सेन गुप्ता, सरोजनी नायडू, इंदिरा गांधी एवं सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रही हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाली केन्द्र की यूपीए सरकार ने महिलाओं के हक में अनेक योजनाएं शुरू की जैसे आईसीडीएस, सबला एवं उज्जवला योजना आदि। इसी प्रकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई कानून जैसे दहेज निषेध कानून, घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा कानून और महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाने हेतु कानून आदि बनाएं। इन सब योजनाओं व कानून के लिए पर्याप्त धन राशि की व्यवस्था यूपीए सरकार द्वारा की गई। यूपीए सरकार ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया परंतु 15 वीं लोकसभा भंग होने के कारण यह पारित नहीं हो पाया।

महिला हितैषी कमलनाथ सरकार

ऽ      कमलनाथ के नेतृत्व में बनी मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने महिला सशक्तिकरण एवं महिला सुरक्षा के लिए कई योजनाएं लागू कीं। इस दौरान –

ऽ      मातृत्व वंदन योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देष में अव्वल रहा।

ऽ      आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खाते में 500 रूपये प्रतिमाह एवं आंगनबाड़ी सहायिकाओं के खाते में 250 रूपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि जमा की गई।

ऽ      कन्या विवाह के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि दोगुनी की गई।

ऽ      विधवा पेंषन की राशि दोगुनी की गई।

ऽ      महिला अपराध की रोकथाम के लिए सख्ती से कदम उठाए गये, जिसके परिणाम स्वरूप महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों में कांग्रेस कार्यकाल में लगभग 10 प्रतिषत की कमी आई।