आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में अपनी वाइफ रत्ना पाठक के साथ अपनी शादी के बारे में बात की। उन्होंने देश में धर्म को लेकर हो रही राजनीति पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा दिनों में देश में धर्म भी राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
ऐसे में उन लोगों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं जिन्होंने किसी दूसरे धर्म के लड़के या लड़की से शादी की है। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने कभी भी रत्ना को धर्म बदलने को नहीं कहा।
नसीरुद्दीन और रत्ना पाठक की शादी को 41 साल हो चुके हैं। नसीरुद्दीन शाह ने नेशनल हेराल्ड न्यूजपेपर में ओपन लेटर के जरिए बताया कि रत्ना पाठक से उनकी शादी कैसे हुई थी।
उन्होंने कहा कि आज देश में धर्म राजनीतिक हथकंडा बन गया है। इस वजह से लोग मेरी और रत्ना की शादी पर भी सवाल उठा रहे हैं।
कभी नहीं सोचा था कि शादी के 38 सालों बाद मेरी शादी पर सवाल उठेगा: शाह
नसीरुद्दीन ने कहा- मेरे मन में रत्ना से शादी करने को लेकर कभी भी कोई सेकंड थॉट नहीं आया और न ही मुझे कभी इस बात का कोई पछतावा हुआ कि मैं किसी हिंदू से शादी कर रहा हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी शादी के 38 सालों बाद किसी एक्स-कैबिनेट मिनिस्टर के पति मेरी शादी पर सवाल उठाएंगे।
यहां नसीरुद्दीन शाह ने एक्स-कैबिनेट मिनिस्टर सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल का जिक्र किया है। नसीरुद्दीन ने आगे कहा- उस समय मुझपर लव जिहाद को सपोर्ट करने का आरोप लगाया गया था।
मां ने कभी रत्ना को इस्लाम कबूलने के लिए नहीं कहा: नसीरुद्दीन
नसीरुद्दीन शाह ने ये भी बताया कि उनकी मां ने कभी रत्ना को इस्लाम धर्म को अपनाने को नहीं कहा। उन्होंने कहा- जब हमारी शादी की बात चली तब मेरी मां ने सिर्फ एक बार मुझसे पूछा था कि क्या रत्ना इस्लाम कबूल कर लेंगी। जब मैंने उनसे कहा कि नहीं तब उन्होंने कहा हां मजहब कैसे बदला जा सकता है।
अब मैं ये आपकी समझ पर छोड़ देता हूं कि आप किसी ऐसी महिला की बातों को तवज्जो देंगे जिसने उस तरह कुरान पढ़ी हो जैसे कोई बच्चा अपनी मां का दूध पीता है या फिर हिंदू-मुस्लिम साथ नहीं रह सकते ऐसा कहकर नफरत फैलाने वाले लोगों पर।
क्या नफरत के बीज अब तक पल रहे हैं?: नसीरुद्दीन
नसीरुद्दीन ने आगे कहा- मैं सिर्फ कह सकता हूं कि हम दोनों के परिवार ने इस शादी को अपना लिया और ये इस बात का सबूत है कि इस देश में दो अलग धर्मों के लोग भी साथ रह सकते हैं।