आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केरल के मलप्पुरम जिले में रविवार को एक टूरिस्ट बोट पलटने से 22 लोगों की मौत हो गई। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, बोट में 30 से ज्यादा लोग सवार थे। मलप्पुरम के कलेक्टर वीआर प्रेमकुमार ने बताया कि मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं। बोट में सवार 5 लोग तैरकर किनारे आ गए थे। 10 लोगों को गंभीर हालत में कोट्टाकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

केरल के मुख्यमंत्री पिन्नराई विजयन ने मृतकों के परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। साथ ही घटना की जांच का आदेश दिया है। हादसा किस वजह से हुआ इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय लोगों के मुताबिक बोट में क्षमता से ज्यादा लोग बिठाए गए थे और उतने लाइफ-जैकेट नहीं थे।

बोट को किनारे पर लगाया गया, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

हादसा रविवार शाम लगभग 7 बजे मलप्पुरम जिले के तनूर इलाके में तुवलतिरम बीच के पास हुआ। बोट को किनारे पर लाया जा चुका है। क्षेत्रीय फायर रेंज ऑफिसर शिजु केके ने बताया कि बोट पर सवार लोगों की सही संख्या की जानकारी नहीं मिल सकी है। ऐसे में और भी लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

कटिहार में हुए नाव हादसे में 10 लोग डूब गए। इनमें से 7 लोगों की मौत हो गई, वहीं 3 लोगों को बचा लिया गया। मृतकों में एक 6 साल का बच्चा भी है। वह मोबाइल पर वीडियो देख रहा था। इसी दौरान उसके हाथ से नदी में मोबाइल गिर गया। तभी उसके दादा नदी में कूद पड़े। जिस कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और पलट गई।

टोंक जिले के सबसे बड़े बीसलपुर बांध में 5 मई को बोटिंग के दौरान एक नाव पलट गई और एक ही परिवार के 6 सदस्यों समेत कुल 7 लोग डूबने लगे। इस दौरान मछुआरों और ग्रामीणों ने 5 लोगों को बचा लिया, जबकि 2 व्यक्ति लापता हो गए। लापता होने वालों में से एक टोडारायसिंह पंचायत समिति के जूनियर इंजीनियर (JEN) हैं।

पटना में पिछले साल 22 अक्टूबर को एक नाव गंगा नदी में पलट गई। नाव पर 21 लोग सवार थे। इनमें से 15 लोगों को स्थानीय गोताखोरों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 6 लोग लापता थे।हादसा दीघा में पिलर नंबर 10 के पास हुआ।