सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  /  नई दिल्ली  : 30 जुलाई को भारत के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से भारत और अमेरिका की ऐतिहासिक साझेदारी का प्रतीक ‘निसार सैटेलाइट’ सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। यह अब तक का सबसे महंगा और तकनीकी रूप से सबसे उन्नत पृथ्वी अवलोकन मिशन है, जिस पर लगभग 1.5 बिलियन डॉलर (करीब 12,500 करोड़ रुपये) खर्च किए गए हैं।

निसार का पूरा नाम है इसरो-नासा सिंथेटिक एपर्चर रडार। इसे GSLV-F16 रॉकेट के माध्यम से 743 किलोमीटर की ऊंचाई पर सूरज के साथ तालमेल रखने वाली सन-सिंक्रोनस कक्षा में स्थापित किया गया है। यह सैटेलाइट हर 97 मिनट में पृथ्वी का एक चक्कर लगाएगा और 12 दिनों में धरती की लगभग हर इंच जमीन को स्कैन कर सकेगा।

निसार मिशन का उद्देश्य है पृथ्वी की सतह, बर्फ, जंगलों, समुद्री क्षेत्रों और पारिस्थितिकी तंत्र में हो रहे परिवर्तनों की निगरानी करना। इसमें नासा का L-बैंड और ISRO का S-बैंड रडार एक साथ लगे हैं, जो किसी भी मौसम में बादलों, धुएं और अंधेरे में भी तस्वीरें लेने में सक्षम हैं।

यह मिशन जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं और पर्यावरणीय समस्याओं को समझने में वैज्ञानिकों की मदद करेगा। निसार से प्राप्त सभी डेटा ओपन-सोर्स होंगे, यानी इन्हें कोई भी वैज्ञानिक या संस्था मुफ्त में उपयोग कर सकेगी।

यह मिशन भारत और अमेरिका की अंतरिक्ष सहयोग में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

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